थलापति विजय की ‘जना नयन’ पर बड़ा मोड़: मेकर्स ने वापस लिया कानूनी दांव, अब यह होगा
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म ‘जना नयन’ (Jana Nayakan) लंबे समय से विवादों में घिरी हुई है। पहले फिल्म की रिलीज डेट टल गई और फिर मामला सेंसर बोर्ड से प्रमाणन न मिलने के कारण कोर्ट तक पहुंच गया। अब अचानक खबर आ रही है कि फिल्म के मेकर्स इस कानूनी लड़ाई से पीछे हटने पर विचार कर रहे हैं। इस फैसले से फिल्म के भविष्य को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, ‘जना नयन’ के निर्माताओं ने अदालत में दायर केस वापस लेने का निर्णय लिया है। अब वे दो रास्तों पर विचार कर रहे हैं: या तो सेंसर बोर्ड से दोबारा प्रमाणन प्रक्रिया से गुजरें या फिर कोर्ट में लंबी कानूनी लड़ाई जारी रखें। हालांकि, फिलहाल संकेत यही हैं कि वे कानूनी रास्ते के बजाय प्रशासनिक समाधान चाहते हैं। इसका मतलब है कि कोर्ट के बजाय सेंसर बोर्ड के माध्यम से सीधे मामले को सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब फिल्म के प्रोडक्शन हाउस ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सेंसर बोर्ड को फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन सेंसर बोर्ड ने इस फैसले को चुनौती दी। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जिसने प्रोडक्शन हाउस को फिर से हाई कोर्ट जाने को कहा।
लगातार अपीलों, कानूनी औपचारिकताओं और सेंसर बोर्ड के हस्तक्षेप के कारण मेकर्स को डर था कि फिल्म महीनों तक अटकी रह सकती है और रिलीज अनिश्चित हो सकती है। यही वजह है कि अब वे कोर्ट के रास्ते से हटकर व्यावहारिक समाधान की तलाश कर रहे हैं, ताकि फिल्म लंबे समय तक अटकी न रहे। यह फिल्म विजय के सक्रिय राजनीति में प्रवेश से पहले उनकी आखिरी फिल्म बताई जा रही है, जिससे फैंस को उनसे एक मजबूत वापसी की उम्मीद है।
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