आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
सरकारी कर्मचारियों का दर्जा देने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर अपना ज्ञापन सौंपा। इस प्रदर्शन का नेतृत्व आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की जिला अध्यक्ष मंजू परमार ने किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 1975 से संचालित समन्वित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) के तहत प्रदेश में लगभग पौने चार लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं बहुत कम मानदेय पर काम कर रही हैं और उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मुख्य मांगों में उन्हें पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना शामिल है। इसके साथ ही वे वेतनमान, भविष्यनिधि, पेंशन, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता और चिकित्सा अवकाश जैसे सभी वैधानिक लाभों की मांग कर रही हैं। यह मांगें उनके सेवा नियमों में सुधार और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाई गई हैं।
इसके अतिरिक्त, कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी से मुख्य सेविका पद पर चयन और पदोन्नति के लिए 50 वर्ष की आयु सीमा को समाप्त करने और बाहरी भर्ती पर रोक लगाने की भी मांग की। उन्होंने 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त 5 लाख रुपये ग्रेच्युटी फंड और विधवा, वृद्धा व किसान पेंशन की तर्ज पर आजीवन पेंशन दिए जाने की भी आवाज उठाई। इन मांगों का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के सेवाकाल और सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को सुरक्षित करना है।
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