PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री का ट्रांसफर: बोले- ‘कहां-कहां जिला बदर करोगे’, UGC रोलबैक हैशटैग
PCS अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को बरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया गया है। यह घटना तब हुई जब उन्होंने यूजीसी की नई नियमावली के खिलाफ इस्तीफा देकर हलचल मचा दी थी। प्रशासन का कहना है कि अग्निहोत्री स्वेच्छा से लखनऊ गए हैं, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर संकेत दिया है कि उन्हें जबरन भेजा गया है। उन्होंने लिखा, ‘कहां-कहां आप मुझको जिला बदर करोगे.. जहां जाएंगे कारवां बढ़ता जाएगा।’ इस पोस्ट के साथ उन्होंने ‘UGC रोलबैक’ हैशटैग का इस्तेमाल किया है।
अग्निहोत्री ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर भी लिखा कि वे बरेली छोड़ने को तैयार हो गए क्योंकि पुलिस और प्रशासन नहीं चाहता था कि वे वहां रहें। उन्होंने यह भी बताया कि वे लखनऊ के स्नेह नगर आलमबाग पहुंच रहे हैं। यह स्थिति तब है जब एक ओर जिला प्रशासन इसे स्वैच्छिक बता रहा है, वहीं दूसरी ओर अग्निहोत्री की पोस्ट से यह लग रहा है कि उन्हें जबरन भेजा गया है।
इससे पहले, प्रशासन ने अग्निहोत्री के आवास पर निलंबन का नोटिस चस्पा किया था। उन्हें मनाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने पहले प्रयागराज जाकर निलंबन के खिलाफ याचिका दायर करने की बात कही थी। हालांकि, परिजनों से बातचीत के बाद उन्होंने लखनऊ जाने का फैसला किया।
अग्निहोत्री को हाउस अरेस्ट से मुक्त करने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों के लोग एडीएम कंपाउंड के गेट पर पहुंचे और नारेबाजी की। उनका आरोप था कि अग्निहोत्री को रात से हाउस अरेस्ट किया गया है और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा है। समर्थकों ने तत्काल रिहाई की मांग की ताकि वे आंदोलन को गति दे सकें।
सुबह से निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की अपने समर्थकों से खुलकर बात नहीं हो पाई थी। जब पुलिस-प्रशासन की गाड़ियां एडीएम कंपाउंड में पहुंचीं, तो समर्थकों को लगा कि उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया जा रहा है। इससे गुस्साए समर्थक भड़क गए और गाड़ियों के काफिले को गेट पर ही रोक लिया। पुलिस के साथ धक्कामुक्की के बाद, पुलिस ने बड़ी मुश्किल से काफिले को बाहर निकाला। गाड़ी में बैठे अग्निहोत्री को मीडिया से बात नहीं करने दी गई, लेकिन उन्होंने विक्ट्री चिन्ह बनाते हुए वहां से प्रस्थान किया।
