UGC Regulation 2026 पर बवाल: बृजभूषण सिंह के बेटे प्रतीक भूषण ने खोला मोर्चा, बताया ‘दोहरे मापदंड’
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बेटे और विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने UGC Regulation 2026 के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक गंभीर पोस्ट के जरिए इस नए कानून और इसके पीछे की मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी इसी मुद्दे पर इस्तीफा दिया था, जिससे यह विवाद राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
प्रतीक भूषण सिंह ने अपने पोस्ट में इतिहास के दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने लिखा कि एक ओर बाहरी आक्रांताओं के भीषण अत्याचारों को ‘अतीत की बात’ कहकर भुला दिया जाता है, वहीं भारतीय समाज के एक वर्ग (सवर्णों) को) को निरंतर ‘ऐतिहासिक अपराधी’ के रूप में चिन्हित कर वर्तमान में निशाना बनाया जा रहा है।
प्रतीक भूषण के इस बयान को सीधे तौर पर UGC रेगुलेशन 2026 के उन प्रावधानों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिन्हें लेकर सवर्ण समाज आशंकित है। उनका तर्क है कि ये नियम एकतरफा हैं और इनका इस्तेमाल सवर्ण शिक्षकों और छात्रों को प्रताड़ित करने के लिए किया जा सकता है। यह बयान अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे के बाद आया है, जिन्होंने सवर्ण सांसदों और विधायकों से इस मुद्दे पर आवाज उठाने का आह्वान किया था।
प्रतीक भूषण सिंह का यह बयान भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। इससे एक दिन पहले ही उनके पिता बृजभूषण शरण सिंह ने भी अपनी अनदेखी पर ‘साजिश’ का आरोप लगाया था। बेटे द्वारा सवर्णों के मुद्दों पर खुलकर सामने आने से यह साफ हो गया है कि भाजपा के भीतर ही इस नए कानून को लेकर असंतोष की लहर है।
