भागलपुर के सैंडिस मैदान में 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने झंडोत्तोलन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंत्री...
भागलपुर के सैंडिस मैदान में 76वें गणतंत्र दिवस समारोह के अवसर पर प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने झंडोत्तोलन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने कहा कि देश के प्रति समर्पण ही हमारा राष्ट्रधर्म है और विकास की इस यात्रा में भागलपुर जिला भी अपनी कर्मठता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने भागलपुर को सिल्क नगरी के रूप में पहचान दिलाने वाले बुनकरों के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया और बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत हजारों बुनकरों को लाभान्वित किया गया है।
उद्योग और निवेश पर जोर
मंत्री जायसवाल ने कहा कि भागलपुर में वर्तमान में 23 बड़े उद्योग धंधे हैं, जिनमें चावल मिल, टॉफी फैक्ट्री, सॉफ्ट ड्रिंक फैक्ट्री और बॉटलिंग प्लांट शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य निवेश प्रोत्साहन परिषद के तहत इन उद्योगों को लाभ दिया गया है। उन्होंने विशेष रूप से पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट का जिक्र किया, जिसमें अडानी पावर प्रोजेक्ट द्वारा लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह प्लांट 2400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करेगा, जिससे भविष्य में बिहार विद्युत उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर हो सकेगा।
बुनियादी ढांचे का विकास
मंत्री ने जिले के बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधारों को भी रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-31 (भागलपुर-नवगछिया खंड) के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, 4000 करोड़ रुपये की लागत से बन रही राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-80 की मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना का कार्य लगभग 79 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना को अप्रैल 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे भागलपुर का संपर्क पश्चिम बंगाल और झारखंड से सुगम हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे जिले में रोजगार और व्यवसाय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
शिक्षा और पर्यटन का महत्व
डॉ. जायसवाल ने भागलपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह जिला बाबा अजगैबीनाथ, बाबा बूढ़ानाथ और बाबा बटेश्वरनाथ की धरती के रूप में प्रसिद्ध है। उन्होंने विक्रमशिला गंगा डॉल्फिन अभयारण्य को भारत के प्रमुख संरक्षण केंद्रों में से एक बताया। शिक्षा के क्षेत्र में, उन्होंने विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना और नए हवाई अड्डे के निर्माण की दिशा में चल रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भागलपुर के कतरनी चावल, जर्दालु आम, मंजुषा कला और भागलपुर सिल्क को राष्ट्रीय स्तर पर जीआई टैग प्राप्त है, जो इसकी विशिष्ट पहचान को मजबूत करता है।