जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील के लिए कोर्ट फीस कम हो: व्यापारियों की मांग
व्यापारियों ने जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दायर करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए कोर्ट फीस में कमी की मांग उठाई है। उनका तर्क है कि कई व्यापारी और उद्यमी ई-मेल नोटिस न देख पाने या तकनीकी खामियों के चलते निर्धारित समय पर सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो पाते, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ एकतरफा आदेश पारित हो जाते हैं।
इस मुद्दे पर भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के पदाधिकारियों ने राज्यकर विभाग के संयुक्त सचिव को ज्ञापन सौंपकर ऐसे सभी मामलों में व्यापारियों को नए सिरे से सुनवाई का मौका देने का आग्रह किया है। ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया गया कि वर्तमान में स्टेट जीएसटी के तहत उन व्यापारियों के लिए कोई विशेष राहत योजना नहीं है जिनकी अपीलें तकनीकी कारणों से अस्वीकृत हो गईं या जिनके आदेश समय पर सूचित नहीं किए गए।
सुझाव के तौर पर, व्यापारियों ने 31 मार्च 2026 तक ऐसे मामलों के लिए एक विशेष एमनेस्टी स्कीम लागू करने की वकालत की है। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छोटे व्यापारी और उद्यमी, जो अक्सर तकनीकी बाधाओं का सामना करते हैं, अनुपालन में पीछे न रह जाएं और उन्हें न्याय पाने का उचित अवसर मिले। वार्ता के उपरांत, संयुक्त सचिव राज्य कर बृजेश मिश्र ने व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को शासन स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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