गोरखपुर में AI आधारित ओपीडी और जेनेटिक टेस्टिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति, BRD मेडिकल कॉलेज और GIMS करेंगे रिसर्च
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज और ग्रेटर नोएडा के गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जीआईएमएस) ने स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ओपीडी सेवाओं, उन्नत जेनेटिक टेस्टिंग और अत्याधुनिक शोध सुविधाओं को बढ़ावा देना है। इस पहल से गोरखपुर के मरीजों को अब अधिक सटीक और आधुनिक उपचार मिल सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ी क्रांति आने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत, दोनों प्रतिष्ठित संस्थान मिलकर शोध और नवाचार के क्षेत्र में कार्य करेंगे। यह सहयोग न केवल चिकित्सा उपकरणों के निर्माण में सहायक होगा, बल्कि जटिल और आनुवंशिक बीमारियों की पहचान के लिए भी उन्नत जेनेटिक टेस्टिंग सुविधाएं विकसित करेगा। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सेल कल्चर रिसर्च में भी संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा।
AI आधारित ओपीडी की शुरुआत से मरीजों की भीड़ प्रबंधन, त्वरित परामर्श और सटीक निदान में सहायता मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हेल्थ टेक स्टार्टअप्स के लिए एक स्टार्टअप इंक्यूबेशन इकोसिस्टम भी तैयार किया जाएगा। यह समझौता छात्रों और फैकल्टी के लिए अकादमिक आदान-प्रदान, निरंतर चिकित्सा शिक्षा (CME) और प्रशिक्षण सत्रों को भी प्रोत्साहित करेगा।
