अंतरिक्ष यात्री, शिक्षाविद और वैज्ञानिक होंगे सम्मानित, देश को गर्व के पल
विज्ञान, नवाचार और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में भारतीय अंतरिक्ष यात्री विंग कमांडर शुभांशु शुक्ला को उनकी अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि के लिए सम्मानित किया जाएगा। लखनऊ में जन्मे शुभांशु, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंचने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं।
शिक्षा और उद्यमिता के क्षेत्र में अलख पांडे को उनके ‘फिजिक्स वाला’ यूट्यूब चैनल और एडटेक कंपनी के माध्यम से लाखों छात्रों को किफायती शिक्षा प्रदान करने के लिए मान्यता दी जाएगी। प्रयागराज के अलख पांडे ने अपनी कंपनी को भारत के सबसे सफल एडटेक यूनिकॉर्न में से एक बनाया है।
मेरठ के कवि और प्रोफेसर डॉ. हरिओम पवार को शिक्षा और साहित्य में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उनकी रचनाएं सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर प्रकाश डालती हैं।
नारंगपुर, मेरठ की रश्मि आर्य को श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल के माध्यम से शिक्षा और नवाचार में उनके काम के लिए पहचाना जाएगा। उन्होंने एक ऐसा शैक्षिक मॉडल विकसित किया है जो भारतीय संस्कृति को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ता है।
वाराणसी के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु सिंह को कृषि विज्ञान में उनके 29 वर्षों के अनुभव और विशेष रूप से बाढ़-सहिष्णु चावल पर उनके शोध के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कृषि अनुसंधान, विस्तार और विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इन सभी व्यक्तियों के असाधारण कार्य न केवल उनके संबंधित क्षेत्रों में मील के पत्थर हैं, बल्कि देश के लिए गर्व का स्रोत भी हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते हैं।
