कानपुर DM बनाने के नाम पर 72 लाख की ठगी, जालसाज ने शादी से पहले ससुरालियों को किया कंगाल
कानपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को यूपीएससी सिलेक्टेड बताकर युवती के परिवार को कानपुर का डीएम (DM) बनाने का सपना दिखाया। इस सपने को पूरा करने के लिए उसने 72 लाख रुपये मांगे। परिवार ने अपनी जीवन भर की कमाई और जमा-पूंजी दामाद के उज्जवल भविष्य के लिए दांव पर लगा दी।
जालसाज का जाल
यह पूरा खेल नीतीश पांडे नाम के एक युवक ने खेला, जिसने खुद को यूपीएससी (UPSC) परीक्षा में सफल बताया। उसने फर्जी जॉइनिंग लेटर दिखाकर युवती के परिवार का भरोसा जीता और दावा किया कि ट्रेनिंग पूरी होते ही उसे कानपुर का जिला अधिकारी (DM) नियुक्त किया जाएगा। उसने यह भी कहा कि इस पद के लिए उसे ‘ऊपर तक’ पैसे पहुंचाने होंगे, जिसके लिए इंटरव्यू के नाम पर मोटी रकम की जरूरत है।
ससुरालियों की जमा-पूंजी पर डाका
बेटी के सुनहरे भविष्य और दामाद के रसूख के चक्कर में परिवार ने अपनी जीवन भर की कमाई और जमा-पूंजी, करीब 71 से 72 लाख रुपये, किस्तों में नीतीश को दे दिए। इस रकम का इंतजाम करने के लिए उन्होंने अपने पुश्तैनी जेवर और घर में रखी चांदी तक बेच दी।
खुलासा और ब्लैकमेलिंग
लगभग 6 महीने तक नीतीश ट्रेनिंग के बहाने टालमटोल करता रहा। जब शादी की बात आगे नहीं बढ़ी और न ही पोस्टिंग हुई, तो युवती को शक हुआ। जांच करने पर पता चला कि नीतीश का आईएएस (IAS) से कोई लेना-देना नहीं है और उसने जो भी दस्तावेज दिखाए थे, वे सब फर्जी थे। सच्चाई सामने आने पर परिवार ने जब पैसे वापस मांगे, तो नीतीश ने ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी। उसने युवती की निजी तस्वीरें और मैसेज वायरल करने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई
धमकियों से डरे बिना, युवती के परिवार ने कानपुर के कल्याणपुर थाने में आरोपी नीतीश पांडे और उसके परिवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब इस ‘लुटेरे दूल्हे’ की तलाश कर रही है, जिसने शादी से पहले ही अपने ससुराल को आर्थिक रूप से बर्बाद कर दिया। इस घटना ने ऐसे जालसाजों के प्रति लोगों को सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित किया है।
