Republic Day 2026: भारतीय संविधान से जुड़े ये तथ्य हर नागरिक को पता होने चाहिए
भारत इस वर्ष अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है। 26 जनवरी, 1950 को भारतीय संविधान को आधिकारिक तौर पर लागू किया गया था, जिसने भारत को एक पूर्ण गणतंत्र राष्ट्र घोषित किया। यह ऐतिहासिक दिन भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संप्रभुता का प्रतीक है।
भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है, जो देश के संचालन के लिए नियमों और उप-नियमों का एक लिखित ढांचा प्रदान करता है। यह विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संबंधों को परिभाषित करता है।
संविधान सभा का गठन 1946 में हुआ था, जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता वाली ड्राफ्टिंग कमेटी ने संविधान का मसौदा तैयार किया। 26 नवंबर, 1949 को इसे औपचारिक रूप से मान्यता मिली और 26 जनवरी, 1950 को यह लागू हुआ।
इस संविधान को बनने में 2 साल, 11 महीने और 18 दिन लगे। इसमें 114 बैठकें हुईं और लगभग 2000 संशोधन किए गए। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे लंबा लिखित संविधान है, जिसमें मूल रूप से 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे। वर्तमान में इसमें 448 अनुच्छेद, 12 अनुसूचियां और 25 भाग हैं।
भारतीय संविधान में अब तक 106 संशोधन हो चुके हैं। पहला संशोधन 1951 में हुआ था, और हालिया संशोधन 2023 में महिलाओं के आरक्षण से संबंधित था। संविधान के बारे में ये जानकारी हर जिम्मेदार नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है।
