यूपी बनेगा ग्रीन हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी लीडर, सीएम योगी की नई नीति
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन को लेकर एक महत्वाकांक्षी एक्शन प्लान पर काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत शोध, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश की ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बनाना है।
इस दिशा में, प्रदेश में दो अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का कार्य ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन, भंडारण, परिवहन और उपयोग से जुड़ी तकनीकों को विकसित करना होगा, साथ ही लागत को न्यूनतम करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ये केंद्र प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से स्थापित होंगे और इनका शोध सीधे तौर पर उद्योग की मांगों को पूरा करेगा। सरकार इन केंद्रों को 50 करोड़ रुपये तक की 100% वित्तीय सहायता प्रदान करेगी ताकि वे उन्नत लैब और परीक्षण सुविधाएं विकसित कर सकें।
यह पहल भारत के 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। गोरखपुर में पहले ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का उद्घाटन इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, ग्रीन हाइड्रोजन नीति के तहत स्टार्टअप्स को भी बड़ा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों के इनक्यूबेटर से जुड़े स्टार्टअप्स को पांच साल तक हर साल 25 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इससे युवाओं को उद्यमिता के अवसर मिलेंगे और उद्योग को नई तकनीकें सुलभ होंगी।
