भोले बाबा ग्रुप पर आयकर का शिकंजा: करोड़ों के कैश ट्रांजेक्शन की जांच, बैंक लॉकर सील
आयकर विभाग की अन्वेषण शाखा ने जयपुर से मिले इनपुट के आधार पर देसी घी व दुग्ध उत्पादों के कारोबार से जुड़े भोले बाबा ग्रुप और अन्य कारोबारियों के 35 ठिकानों पर गुरुवार को एक साथ सर्च शुरू की थी। यह कार्रवाई चौथे दिन रविवार को भी जारी रही। विभाग करोड़ों रुपये के नकद लेन-देन, कच्ची पर्चियों और संपत्ति में निवेश की पड़ताल कर रहा है।
आयकर विभाग की टीमों ने कारोबारियों के यहां मिले वित्तीय लेन-देन के कागजों और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। नकद लेन-देन और कच्ची पर्चियों का विश्लेषण किया जा रहा है। संपत्ति में निवेश के साक्ष्य मिलने पर कारोबारियों द्वारा भरे गए रिटर्न से उसका मिलान किया जा रहा है। इस कार्रवाई के तहत कारोबारियों के दर्जनभर बैंक लॉकर सीज कर दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, कारोबारी कम बिक्री दिखाने के बावजूद करोड़ों रुपये के नकद लेन-देन और निवेश के साक्ष्य सामने आने पर उनसे पूछताछ की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मिलावटी घी की आशंका के चलते कारोबारियों के यहां से उत्पादों की सैंपलिंग भी कराई गई है, जिनकी जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस सर्च ऑपरेशन का असर आम जनता पर भी पड़ सकता है, क्योंकि यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़ी है।
यह सर्च अभियान नेहरू नगर, कमला नगर, सूर्य नगर, शमसाबाद रोड, कलक्ट्रेट रोड, बाइपास के अलावा दिल्ली, नोएडा, कानपुर, अलीगढ़, सिरसागंज, बीकानेर, दौसा, भरतपुर, जोधपुर, धौलपुर स्थित ठिकानों पर चलाया गया।
