दिल्ली की अस्पताल परियोजनाओं में देरी पर आर्को एसोसिएट्स पर दो साल का बैन, लगा ₹50.30 लाख का जुर्माना
दिल्ली सरकार की महत्वपूर्ण अस्पताल परियोजनाओं में भारी लापरवाही सामने आई है, जिसके चलते पीडब्ल्यूडी ने आर्को एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड पर कड़ा रुख अपनाया है। कंपनी को दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है और ₹50.30 लाख का भारी जुर्माना भी लगाया गया है। यह कार्रवाई परियोजनाओं में हो रही अत्यधिक देरी और कंपनी द्वारा अपने संविदात्मक दायित्वों को पूरा न करने के कारण की गई है।
इस फर्म की लापरवाही के कारण सरकार को अस्पताल निर्माण से जुड़ी कई परियोजनाओं में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। आरोप है कि आर्को एसोसिएट्स ने समय पर आवश्यक ड्राइंग, डिजाइन और वैधानिक अनुपालन से जुड़े दस्तावेज जमा नहीं किए, जिससे परियोजनाओं का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ और समय-सीमा पार हो गई।
पीडब्ल्यूडी ने बताया कि शालीमार बाग अस्पताल, किराड़ी अस्पताल, चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय (गीता कॉलोनी) और जीटीबी अस्पताल (दिलशाद गार्डन) में आईसीयू परियोजनाओं के लिए समग्र परामर्श कार्य इसी निजी फर्म को सौंपा गया था। इसमें योजना, डिजाइन, लागत आंकलन और निर्माण पर्यवेक्षण जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल थीं।
विभाग के अनुसार, फर्म ने बार-बार मांगे जाने के बावजूद संरचनात्मक डिजाइन से जुड़े जरूरी दस्तावेज जैसे डिजाइन कैलकुलेशन, डीबीआर, स्ट्रक्चरल मॉडल और लोड कैलकुलेशन उपलब्ध नहीं कराए। यह कंपनी की संविदात्मक शर्तों का उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था कि फर्म अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा नहीं करेगी और किसी भी तरह की देरी से वित्तीय नुकसान नहीं होने देगी। फर्म संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में भी विफल रही है, जबकि उसे नोटिस भेजकर जवाब देने का पर्याप्त अवसर दिया गया था।
