UP electricity news: 116 करोड़ रुपये रिफंड का फॉर्मूला तय नहीं, उपभोक्ता परेशान
उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियों द्वारा नए कनेक्शन के नाम पर उपभोक्ताओं से की गई अतिरिक्त वसूली अब गले की फांस बन गई है। प्रदेश के 3.59 लाख उपभोक्ताओं को 116 करोड़ रुपये से अधिक की रकम वापस की जानी है, लेकिन पावर कॉरपोरेशन अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि यह रिफंड कैसे किया जाएगा।
पावर कॉरपोरेशन ने पिछले साल 10 सितंबर से पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर के साथ प्रीपेड कनेक्शन देना शुरू किया था। उस समय नियामक आयोग ने मीटर के दाम तय नहीं किए थे, लेकिन कंपनियों ने उपभोक्ताओं से सिंगल फेज मीटर के लिए 6016 रुपये वसूल लिए। बाद में, 31 दिसंबर को नियामक आयोग ने जब दरें तय कीं, तो सिंगल फेज मीटर की कीमत 2800 रुपये निकली। इस तरह, प्रत्येक उपभोक्ता से 3216 रुपये अतिरिक्त लिए गए।
उपभोक्ताओं को यह अतिरिक्त राशि वापस करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। पावर कॉरपोरेशन के सामने यह चुनौती है कि वह रकम एकमुश्त वापस करे या किस्तों में। उपभोक्ता चाहते हैं कि जब उनसे एकमुश्त राशि ली गई थी, तो रिफंड भी एक साथ किया जाना चाहिए। वहीं, सूत्रों के मुताबिक कॉरपोरेशन किस्तों में रिफंड देने पर विचार कर रहा है।
नियामक आयोग के आदेश के 19 दिन बाद भी पावर कॉरपोरेशन ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि कॉरपोरेशन को जल्द से जल्द रिफंड का फॉर्मूला तय करना चाहिए ताकि उन्हें अपनी अतिरिक्त राशि वापस मिल सके।
