गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही: यूविन पोर्टल पर डेटा में भारी अंतर, CMHO ने जारी किया नोटिस
गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं, जहां मंत्रा (मंत्रा पोर्टल) और यू-विन पोर्टल पर दर्ज प्रसव और टीकाकरण के आंकड़ों में भारी विसंगति पाई गई है। 1 से 26 दिसंबर तक की अवधि की समीक्षा में यह अंतर स्पष्ट हुआ है, जिससे सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी और प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
आंकड़ों में भारी अंतर
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, यू-विन पोर्टल पर इस अवधि में कुल 1016 प्रसव दर्ज किए गए, जबकि मंत्रा पोर्टल पर यह संख्या 1732 है, जो 716 प्रसवों का अंतर दर्शाता है। इसी तरह, पंजीकृत नवजातों की संख्या में भी 716 का अंतर पाया गया। टीकाकरण के आंकड़ों में भी यही विसंगति दिखी। यू-विन पर 992 बच्चों को बीसीजी का टीका लगने की रिपोर्ट है, जबकि मंत्रा पर यह संख्या 1522 है (530 का अंतर)। ओपीवी और हेपेटाइटिस बी जैसे टीकों में भी क्रमशः 528 और 524 नवजातों का अंतर दर्ज किया गया है।
अधिकारियों पर कार्रवाई
इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अखिलेश मोहन ने तत्काल कार्रवाई की है। उन्होंने जिला महिला अस्पताल, जिला संयुक्त अस्पताल, 50 बेड डूंडा हेडा अस्पताल, 50 बेड लोनी अस्पताल के सीएमएस, तथा डासना, मुरादनगर, मोदीनगर, बम्हैटा, लोनी सीएचसी प्रभारियों और भोजपुर पीएचसी प्रभारी, खोड़ा गांव, पप्पू कॉलोनी और वेद विहार यूपीएचसी प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है और रिपोर्ट को ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।
यूविन पोर्टल का महत्व
शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रसव और समस्त टीकाकरण की प्रविष्टियां अनिवार्य रूप से यू-विन पोर्टल पर दर्ज की जानी चाहिए। इस पोर्टल पर डेटा की कमी से रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग और समीक्षा प्रभावित होती है, जो कार्यक्रम की प्रगति में बाधा डालती है। स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच को प्रभावित करती है।
