ग्रीष्मावकाश में शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी, हिल स्टेशन सैर पर पड़ेगा खलल
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को इस बार ग्रीष्मावकाश में जनगणना ड्यूटी करनी होगी, जिससे उनकी छुट्टियों की योजनाओं में खलल पड़ेगा। जनगणना का पहला चरण 20 मई से शुरू होकर 20 जून तक चलेगा। यह कार्य शिक्षकों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो गैर जनपदों में कार्यरत हैं।
आम तौर पर, ग्रीष्मावकाश शिक्षकों को आराम करने और अपने गृह जनपदों की यात्रा करने का अवसर प्रदान करता है। लेकिन इस बार, जनगणना कार्य के कारण, कई शिक्षकों को अपने गृह जिलों में लौटने के लिए अगले शीत अवकाश तक इंतजार करना पड़ सकता है। शिक्षक संगठनों ने अवकाश के दिनों में ऐसे कार्यों के लिए प्रतिकर अवकाश की मांग की है।
जनगणना के साथ-साथ, पंचायत चुनावों की तैयारियों का खाका भी इसी अवधि में तैयार किया जा रहा है। इससे शिक्षकों पर काम का बोझ और बढ़ जाएगा। इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित वे शिक्षक होंगे जो अपने मूल स्थान से दूर कार्यरत हैं।
