अलीगंज सीएचसी में प्रसूताओं को नाश्ता, ठेकेदार पर भुगतान न करने का आरोप | Lucknow health news
अलीगंज सीएचसी में रविवार को एक बार फिर प्रसूताओं को नाश्ता परोसा गया, लेकिन भोजन की व्यवस्था नहीं हो सकी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के निर्देश पर अधीक्षक ने किचन का ताला खुलवाया। हालांकि, डाइट चार्ट नहीं लगाया गया था।
यह आरोप लगाया जा रहा है कि ठेकेदार ने रसोईयों को कई महीनों से भुगतान नहीं किया है, जिसके कारण उन्होंने काम बंद कर दिया था। ठेकेदार का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बाहर से भोजन मंगवाकर वितरण कराया जा रहा है।
पिछले साल जनवरी में सीएमओ कार्यालय से सभी सीएचसी में नाश्ता और भोजन के लिए टेंडर हुआ था, जिसमें एक कंपनी को काम का ठेका मिला था। इस कंपनी के माध्यम से सभी सीएचसी पर नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा था। एनएचएम से ठेकेदार को नाश्ता और भोजन के लिए रोजाना करीब 135 रुपये का भुगतान किया जाता है। ठेकेदार सीएचसी परिसर में खाना बनवाकर प्रसूताओं को वितरित करवाता है।
छह महीने से ठेकेदार द्वारा रसोईयों को वेतन भुगतान न करने के कारण उन्होंने किचन में ताला लगा दिया था और नाश्ता-भोजन बनना बंद हो गया था। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि रविवार सुबह प्रसूताओं को नाश्ता वितरित किया गया। किचन में निर्माण कार्य के कारण भोजन नहीं बन सका। ठेकेदार ने रात का खाना बाहर से मंगवाकर वितरित किया।
