मेरठ में 192 जनसेवा केंद्र बंद: नियमों की अनदेखी पर प्रशासन का एक्शन, जानिए क्या हैं नए नियम
जनसेवा केंद्रों (कॉमन सर्विस सेंटर) के संचालन में अनियमितताओं के चलते मेरठ जिले में 192 केंद्रों को बंद कर दिया गया है। यह कार्रवाई भारत सरकार के इलेक्ट्रानिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा की गई है। मानकों का पालन न करने वाले इन केंद्रों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
जनसेवा केंद्रों पर भारत सरकार द्वारा निर्धारित ब्रांडिंग, सीएससी बोर्ड और सेवाओं की निर्धारित दरों की सूची प्रदर्शित न होने के कारण यह कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब केवल वही केंद्र संचालित किए जाएंगे जो सभी नियमों का पूर्ण रूप से पालन करेंगे।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सरकारी सेवाओं के नाम पर की जा रही अतिरिक्त वसूली से बचाना और वास्तविक सीएससी केंद्रों की पहचान सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने सभी संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि किसी भी केंद्र पर अनिवार्य ब्रांडिंग या रेट चार्ट में लापरवाही पाई गई, तो बिना पूर्व सूचना के पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, अब सीएससी संचालकों को बायोमेट्रिक के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) करना अनिवार्य होगा। जो ई-केवाईसी नहीं करेगा, उसे अनुपस्थित मानते हुए कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, केंद्र संचालक को अपना चरित्र प्रमाण पत्र भी अपलोड करना होगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि संचालक पर कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। यह अभियान प्रतिदिन चलाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
