नकल रोकने के लिए अभिभावकों से संवाद जरूरी: आनंदीबेन पटेल, UP education reforms
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि परीक्षाओं में नकल करते पकड़े जाने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को बुलाकर उनसे संवाद करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बच्चों को सही राह दिखाने का एक प्रभावी तरीका है। राज्यपाल ने यह निर्देश लखनऊ में राजभवन में आयोजित एक बैठक के दौरान दिए, जहां उन्होंने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के डिजिटल एग्जामिनेशन इकोसिस्टम का प्रस्तुतिकरण देखा।
राज्यपाल ने गुजरात के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने असफलता से निराश छात्रों और उनके अभिभावकों से बात की थी। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा अपनाई जा रही सीसीटीवी निगरानी, उत्तर पुस्तिकाओं की बारकोडिंग और बायोमेट्रिक उपस्थिति जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में पीजी छात्रों को भी शामिल किया जा सकता है और मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार विषयों का चयन और कौशल विकास पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि बच्चे अपनी रुचि के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था, प्रश्न पत्रों की तैयारी, मूल्यांकन प्रक्रिया और समय पर परिणाम घोषित करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों के हित में मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक प्रभावी, निष्पक्ष एवं तकनीक आधारित बनाया जाए, जिससे तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और सशक्त हो सके।
