कानपुर देहात: क्रोमियम प्रदूषण (Chromium pollution) से प्रभावित 29 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए
कानपुर देहात के रनिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित खानचंद्रपुर में क्रोमियम कचरे के डंप होने से भूजल गंभीर रूप से दूषित हो गया है। इस प्रदूषण का सीधा असर गांव और आसपास के मजरों में रहने वाले करीब 7,000 लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित लोगों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी करने का निर्देश दिया है।
पिछले दिनों हुई जांच में कई लोगों के खून में क्रोमियम और मरकरी की मात्रा मानक से अधिक पाई गई थी। 4 नवंबर 2025 को 102 ग्रामीणों के नमूने लिए गए थे, जिनकी रिपोर्ट में क्रोमियम की अधिकता मिली। इसके बाद 2 दिसंबर को भी 152 लोगों के नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे।
इसी क्रम में, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को दूसरे दिन खानचंद्रपुर के मजरा पालनपुरवा में 29 लोगों के खून के नमूने संकलित किए। पीएचसी रनिया के प्रभारी डॉ. विशाल भसीन के नेतृत्व में 13 सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने बताया कि अभी अन्य मजरों और खानचंद्रपुर से भी नमूने लिए जाने हैं, जिन्हें जांच के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ भेजा जाएगा। यह जांच लोगों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण के दीर्घकालिक प्रभाव को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
