यूपी में मतदाता सूची पर विवाद: पंचायत और विधानसभा लिस्ट में 14 लाख से ज्यादा का अंतर, UP election news
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूचियों की संख्या में बड़ा अंतर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई त्रिस्तरीय पंचायत मतदाता सूची में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए तैयार सूची की तुलना में 14.13 लाख अधिक मतदाताओं के नाम हैं। पंचायत निर्वाचक नामावली में जहां 12.69 करोड़ मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, वहीं लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए तैयार सूची में 12.55 करोड़ मतदाता ही शामिल हैं।
इस विसंगति पर कई राजनीतिक दलों ने सवाल खड़े किए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी संजय सिंह और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने इस अंतर को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाया है। उनका कहना है कि दोनों सूचियों में इतना बड़ा अंतर क्यों है और कौन सी सूची सही है?
राज्य निर्वाचन आयोग ने हाल ही में त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचक नामावली का वृहद पुनरीक्षण-2026 किया था। इस प्रक्रिया के दौरान 1.81 करोड़ नए नाम जोड़े गए थे, जबकि 1.41 करोड़ मृत या विस्थापित मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इस पुनरीक्षण के बाद पंचायत सूची में कुल 40.19 लाख नए मतदाता बढ़े और कुल संख्या 12.69 करोड़ हो गई।
दूसरी ओर, लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में भी 1.04 करोड़ लोगों की मैपिंग वर्ष 2003 की सूची से नहीं हो पाई है। अधिकारियों का मानना है कि इन 1.04 करोड़ मतदाताओं में से बड़ी संख्या में नाम आगे कट सकते हैं, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या और घट सकती है। यह स्थिति UP election news को लेकर भ्रम पैदा कर रही है और सूचियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रही है।
