गंगासागर मेले में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए जीवनरक्षक ड्रोन तैनात, जानें खासियत
गंगासागर मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बंगाल की खाड़ी में आयोजित होने वाले इस वार्षिक मेले के दौरान, समुद्र की लहरों में फंसे लोगों को बचाने के लिए विशेष ‘जीवनरक्षक ड्रोन’ तैनात किया गया है। यह हाई-स्पीड रिमोट-कंट्रोल्ड ड्रोन त्वरित राहत और बचाव कार्यों में सहायक सिद्ध होगा।
इस ड्रोन की क्षमताएं प्रभावशाली हैं। यह एक किलोमीटर की रेंज तक काम कर सकता है और 1,000 किलोग्राम तक का भार खींचने में सक्षम है। इसका मतलब है कि यह समुद्र में फंसे लोगों या किसी राफ्ट को आसानी से किनारे तक ला सकता है। सात मीटर प्रति सेकंड की अधिकतम गति से चलने वाला यह ड्रोन किसी भी तैराक से कहीं अधिक तेजी से जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, यह ड्रोन पलटने या समुद्र में गिरने की स्थिति में भी केवल दो सेकंड में खुद को सीधा कर दोबारा काम शुरू कर सकता है। यह क्षमता खराब मौसम में भी बचाव अभियान को जारी रखने में मदद करेगी। गंगासागर मेला 12 से 15 जनवरी तक सागर द्वीप पर गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर आयोजित होता है, जहाँ तीर्थयात्री पवित्र स्नान और कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं। इस ड्रोन की तैनाती से लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
