सर्दी का सितम: तेजस, शताब्दी समेत 81 ट्रेनें 17 घंटे लेट, यात्रियों ने रद्द की यात्रा
घने कोहरे और कड़ाके की ठंड ने उत्तर भारत में रेल यातायात को बुरी तरह प्रभावित किया है। कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मंगलवार को 81 ट्रेनें अपने तय समय से काफी देरी से पहुंचीं। इनमें तेजस, शताब्दी और राजधानी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनें भी शामिल थीं, जिनकी देरी 17 घंटे तक दर्ज की गई। इस अव्यवस्था के कारण लगभग 1822 यात्रियों ने अपनी यात्रा रद्द कर दी, जबकि कनेक्टिविटी को देखते हुए 56 यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों में समायोजित किया गया।
यात्रियों की नाराजगी और वैकल्पिक व्यवस्था
ट्रेनों की लेटलतीफी से परेशान यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी भड़ाMuch नाराजगी व्यक्त की और रेलवे से शिकायतें कीं। श्रमशक्ति, तेजस राजधानी, और सियालदह राजधानी जैसी ट्रेनें एक से लेकर 17 घंटे तक लेट रहीं। स्वर्ण शताब्दी एक्सप्रेस दो घंटे, श्रम शक्ति छह घंटे, बरौनी-नई दिल्ली स्पेशल आठ घंटे, तेजस राजधानी एक्सप्रेस पौने दो घंटे, दरभंगा-आनंद विहार अमृत भारत 17 घंटे, आनंद विहार-दरभंगा अमृत भारत 11 घंटे, चंपारण हमसफर 05.30 घंटे, ऊंचाहार एक्सप्रेस पांच घंटे, और हावड़ा दूरंतो आठ घंटे की देरी से चलीं।
बस और हवाई यातायात पर भी असर
ट्रेनों के साथ-साथ, सर्दी और शीतलहर का असर बस सेवाओं पर भी देखा गया। कानपुर के झकरकटी और चुन्नीगंज बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई, जिसके चलते मेरठ, दिल्ली, आगरा, लखनऊ, पूर्वांचल और बुंदेलखंड क्षेत्र की 41 बस सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। हवाई यातायात भी पूरी तरह सामान्य नहीं रहा; बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई से आने-जाने वाली फ्लाइटें आंशिक रूप से लेट रहीं, हालांकि बुधवार को सामान्य संचालन की उम्मीद जताई गई है।
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