कानपुर हैलट पीजीआई: बिना सर्जरी के इण्डोस्कोपी से खोला मरीज की आहार नाल का रास्ता
कानपुर के हैलट पीजीआई सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के मेडिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विभाग ने एक अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। यहां बिना किसी ऑपरेशन के, इण्डोस्कोपी तकनीक का उपयोग करके एक मरीज की आहार नली का अवरुद्ध मार्ग खोला गया है। यह मामला उन्नाव की 20 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जिसने लगभग एक वर्ष पूर्व गलती से टॉयलेट क्लीनर पी लिया था। इस घटना के कारण उसकी आहार नली और पाइलोरश में गंभीर सिकुड़न आ गई थी, जिससे भोजन का मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था।
इस गंभीर स्थिति के चलते युवती केवल तरल पदार्थ ही ग्रहण कर पा रही थी और उसका वजन घटकर मात्र 28 किलोग्राम रह गया था। कई अस्पतालों में इलाज कराने के बावजूद उसे कोई राहत नहीं मिली। अंततः, पिछले वर्ष जनवरी में उसने पीजीआई में डॉ. विनय कुमार (विभागाध्यक्ष) से संपर्क किया।
डॉ. विनय कुमार और डॉ. ध्रुव ठाकुर की टीम ने इण्डोस्कोपिक इलाज का निर्णय लिया। गहन विचार-विमर्श और योजना के बाद, टीम ने कुल 14 इण्डोस्कोपी सत्रों के माध्यम से पाइलोरश का अवरुद्ध मार्ग सफलतापूर्वक खोल दिया। इस सफल उपचार के परिणामस्वरूप, युवती अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसका वजन बढ़कर 40 किलोग्राम हो गया है। यह उपलब्धि चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गंभीर अवरोधों के लिए गैर-सर्जिकल समाधानों की संभावना को दर्शाती है।
