वाराणसी: छह पाकिस्तानी नागरिकों की दो संपत्तियों को सरकार शत्रु संपत्ति घोषित कर अपने अधीन करेगी
वाराणसी में छह पाकिस्तानी नागरिकों की दो संपत्तियों को सरकार शत्रु संपत्ति घोषित कर अपने अधीन करेगी। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के मद्देनजर अपनाई जा रही है।
संपत्तियों का अधिग्रहण
वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा में स्थित मकान नंबर सीके 43/164 और मकान नंबर सीके 43/171 को शत्रु संपत्ति के रूप में अधिग्रहण की प्रक्रिया में लाया गया है। ये संपत्तियाँ छह पाकिस्तानी नागरिकों – शेख कमालुद्दीन, शेख जमालुद्दीन, नजीबुन बीबी, हाजरा बीबी, जोहरा बीबी और ताहिरा बीबी की हैं। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के शत्रु संपत्ति अधिकरण कार्यालय लखनऊ ने इस संबंध में पत्र जारी किया है।
आपत्ति के लिए नोटिस
जिलाधिकारी के आदेश पर, सदर तहसील के नोटिस बोर्ड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर नोटिस चस्पा कर आम जनता से आपत्ति मांगी गई है। यदि किसी व्यक्ति को इन संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित करने के संबंध में कोई आपत्ति है, तो वह लखनऊ स्थित अधिकरण कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकता है। यदि कोई आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो संपत्तियों को शत्रु संपत्ति घोषित कर दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि और महत्व
भारत से युद्धरत देश पाकिस्तान में चले गए व्यक्तियों या संस्थाओं की संपत्तियों का प्रबंधन भारत सरकार द्वारा किया जाता है, ताकि इनका उपयोग राष्ट्रीय हितों के खिलाफ न हो सके। जनपद में 2022 में कराई गई जांच में सौ से अधिक शत्रु संपत्तियाँ सामने आई थीं। सरकार की यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्धरत देशों के नागरिकों की संपत्तियों का दुरुपयोग न हो।
