रीवा सर्किट हाउस कांड: साधु के भेष में दरिंदे ने नाबालिग से किया रेप, मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल
रीवा का चर्चित सर्किट हाउस कांड, जिसने मध्य प्रदेश की राजनीति और समाज में हड़कंप मचा दिया था, एक बार फिर चर्चा में है। इस घटना ने तथाकथित धर्मगुरुओं के पीछे छिपे स्याह सच और रसूखदारों के गठजोड़ को उजागर किया। साधु के वेश में एक दरिंदे और उसके हिस्ट्रीशीटर साथियों ने एक नाबालिग लड़की की अस्मत से खिलवाड़ किया। बाबा ने उसे आशीर्वाद देने के बहाने बुलाया था।
28 मार्च 2022 की रात: रीवा में रात करीब 11 बजे, अंकित बघेल और उनके दोस्त सौरभ ने एक लड़की को बदहवास हालत में सड़क पर दौड़ते देखा। वह एक सफेद बोलेरो गाड़ी से बचकर भाग रही थी। लड़की घबराई हुई थी और मदद के लिए चिल्लाई। अंकित ने उसे अपनी बाइक पर बिठाकर सिविल लाइन थाने पहुंचाया।
अगले दिन का खुलासा: जब लड़की के परिजन थाने पहुंचे और उसे सुरक्षा का यकीन दिलाया गया, तब उसने जो कहानी सुनाई, वह रोंगटे खड़े करने वाली थी। उसने बताया कि शहर के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले सर्किट हाउस में कुछ लोगों ने उसे जबरन शराब पिलाई और फिर सामूहिक दुष्कर्म किया। उसने एक मशहूर कथावाचक संत पर भी आरोप लगाया।
साजिश का ताना-बाना: काजल (बदला हुआ नाम), एक साधारण परिवार की लड़की, कॉलेज की फीस जमा करने गई थी। वहीं उसकी मुलाकात विनोद पांडे से हुई, जो एक हिस्ट्रीशीटर था लेकिन नेताओं और अधिकारियों से उसके संबंध थे। विनोद ने उसे काम कराने का भरोसा दिलाया और सैनिक स्कूल के पास बुलाया।
सर्किट हाउस में कैद: काजल को सर्किट हाउस की दूसरी मंजिल पर एक कमरे में ले जाया गया, जहां विनोद पांडे पहले से मौजूद था। काजल को घबराया हुआ देखकर उसने कहा कि यह प्रशासनिक जगह है और यहां कोई खतरा नहीं है। इसके बाद एक बड़े संत के आने की बात कही गई।
