कानपुर: बिटक्वाइन ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, PMO अधिकारी बनकर 2 करोड़ का लगाया चूना
कानपुर शहर में बिटक्वाइन (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश के नाम पर 2 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जो एक मेडिकल स्टोर का संचालक था। आदित्य ने अपने एक साथी को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का अधिकारी बताकर पीड़ितों को विश्वास में लिया और उन्हें मोटी रकम का लालच देकर ठगा।
ठगी का तरीका और पीड़ितों का विश्वास
गिरिजा नगर निवासी उमाशंकर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पड़ोसी आदित्य सिंह ने उन्हें बताया था कि उसने 20 साल पहले बिटक्वाइन खरीदा था, जिसकी कीमत अब 44 करोड़ रुपये हो गई है। कुछ नियमों के कारण यह रकम फ्रीज है और इसे रिलीज कराने के लिए एक नई फर्म बनानी होगी। आदित्य ने सुप्रीम कोर्ट में केस जीतने और फर्म में पार्टनर बनने पर बड़े मुनाफे का लालच दिया। उसने सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट, जीएसटी और आरबीआई के कई फर्जी प्रपत्र भी दिखाए।
फर्जी दस्तावेजों और पीएमओ अधिकारी का इस्तेमाल
आरोपी आदित्य ने पीड़ितों से अगस्त 2021 से नवंबर 2025 तक कुल 2 करोड़ रुपये की रकम लगवाई, जिसमें 1.25 करोड़ रुपये ऑनलाइन और 75 लाख रुपये नकद थे। पीड़ितों ने पैसे के लिए अपनी जमीन और गहने तक बेच दिए। आदित्य ने अपने साथी रोहित यादव को पीएमओ का अधिकारी बताकर पीड़ितों से फोन पर बात करवाई। रोहित ने पीएमओ के लेटरहेड पर बने फर्जी दस्तावेज ईमेल के जरिए भेजे, जिससे पीड़ितों का विश्वास और बढ़ गया।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
जब पीड़ितों को काफी समय तक कोई जवाब नहीं मिला और टालमटोल होने लगी, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्र ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी आदित्य सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उसके साथी रोहित यादव की तलाश की जा रही है, जो खुद को पीएमओ अधिकारी बताकर ठगी में मदद कर रहा था। इस घटना ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर लोगों की जागरूकता की कमी को उजागर किया है।
