आगरा news: 12 साल तक अपराधी की तरह जिया किसान, झूठे केस से बरी होने पर पुलिस पर करेगा मानहानि का केस
आगरा के अछनेरा क्षेत्र के साही गांव निवासी 73 वर्षीय किसान तुहीराम के चेहरे पर 12 साल बाद राहत की मुस्कान लौटी है। उन्हें बिजली चोरी के एक झूठे मुकदमे से बरी कर दिया गया है। इस दौरान उन्हें पुलिस के डर से छिपकर रहना पड़ा और एक अपराधी की तरह जीवन बिताना पड़ा। तुहीराम ने अब उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने का फैसला किया है जिनकी लापरवाही के कारण उन्हें यह सब झेलना पड़ा।
तुहीराम ने बताया कि जब भी कोई उनके दरवाजे पर नाम लेकर पुकारता था, तो वे डर जाते थे कि कहीं पुलिस न आ गई हो। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्हें कभी पड़ोसियों के घर तो कभी रिश्तेदारों के यहां छिपना पड़ता था। इस मानसिक प्रताड़ना के साथ ही उन्हें कानूनी लड़ाई लड़ने में भी काफी आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने बताया कि केस लड़ने के लिए उन्हें लोगों से उधार लेना पड़ा और करीब 35 हजार रुपये खर्च हुए।
यह मामला 2012 का है जब बिजली विभाग ने गांव के कुछ घरों में चोरी पकड़ी थी। अवर अभियंता ने अछनेरा थाने में तुहीराम पुत्र मोना राम सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने बिना जांच किए तुहीराम पुत्र मोहन राम को आरोपी बना दिया। तुहीराम ने बताया कि उन्होंने 2007 में ही बिजली का कनेक्शन कटवा दिया था, लेकिन इसके बावजूद उन पर झूठा आरोप लगाया गया। अब अदालत से बरी होने के बाद उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने सावधानी से काम किया होता तो उन्हें यह कलंक नहीं झेलना पड़ता।
