कासगंज News: युवाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं पर उठाए सवाल, बोले- ‘मेडिकल कॉलेज की जरूरत’
कासगंज के युवाओं ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें संचालित करने के लिए विशेषज्ञ तकनीशियन नहीं हैं। युवाओं ने कहा कि गंभीर मरीजों को अक्सर अलीगढ़ या आगरा रेफर करना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
युवाओं ने कहा कि जिले में ट्रॉमा सेंटर का अभाव सबसे बड़ी समस्या है। सड़क दुर्घटनाओं के गंभीर घायलों को तत्काल इलाज नहीं मिल पाता। जिला अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा होने के बावजूद तकनीशियनों की कमी के कारण उनका उपयोग नहीं हो पाता। युवाओं ने कहा कि कोरोना काल में 24 वेंटिलेटर मिले थे, लेकिन वे अभी भी पूरी तरह से चालू नहीं हैं। यह स्थिति मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य चर्चा के दौरान युवाओं ने व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में युवाओं को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम (yoga), और पर्याप्त नींद को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। उन्होंने एनर्जी ड्रिंक्स की जगह पानी पीने और बाइक के बजाय पैदल चलने की सलाह दी। युवाओं ने कहा कि इन आदतों से तनाव कम होता है और इम्यूनिटी मजबूत होती है।
युवाओं ने जोर देकर कहा कि कासगंज में मेडिकल कॉलेज की स्थापना जल्द होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने की बात चल रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई है। युवाओं का मानना है कि मेडिकल कॉलेज बनने से न केवल गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर संभव होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा ढांचा मजबूत होगा।
