अमृतसर में जेनेटिक्स लैब: दुर्लभ रोगों का होगा सटीक निदान, मिलेगी नई उम्मीद
अमृतसर मेडिकल कॉलेज में एक अत्याधुनिक जेनेटिक्स और कैंसर डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना की जा रही है, जो आनुवांशिक और दुर्लभ रोगों के निदान और उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इस लैब के माध्यम से डीएनए, जीन और क्रोमोसोम का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा, जिससे पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाली बीमारियों की सटीक जानकारी प्राप्त की जा सकेगी और समय पर प्रभावी उपचार संभव हो पाएगा।
इस जेनेटिक्स लैब में डीएनए सीक्वेंसिंग और जीन एनालिसिस की अत्याधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इसके द्वारा किसी व्यक्ति के जीन में मौजूद दोषों, म्यूटेशन या असामान्य बदलावों की पहचान की जा सकेगी। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि मरीज किन आनुवांशिक रोगों के प्रति संवेदनशील है।
नई लैब में कैंसर, मधुमेह, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, सिस्टिक फाइब्रोसिस, किडनी रोग, थायराइड, ब्लड डिसऑर्डर और न्यूरोलॉजिकल आनुवांशिक बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। नवविवाहित दंपतियों के लिए विशेष जेनेटिक स्क्रीनिंग की व्यवस्था भी होगी, जिससे भविष्य में होने वाले बच्चों को आनुवांशिक रोगों से बचाया जा सकेगा। गर्भ में पल रहे शिशु में किसी भी प्रकार की आनुवांशिक समस्या या जन्मजात विकृति का समय रहते पता लगाने के लिए प्री-नेटल जेनेटिक टेस्टिंग की जाएगी।
लैब के साथ एक जेनेटिक काउंसलिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी, जहां विशेषज्ञ डॉक्टर और काउंसलर मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी, उसके कारणों, भविष्य की संभावनाओं और उपचार विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे। आधुनिक बायोटेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों का उपयोग आनुवांशिक बीमारियों पर शोध को बढ़ावा देगा और नई उपचार पद्धतियों के विकास में मदद करेगा। मरीजों के सैंपल सुरक्षित रखने के लिए बायो-बैंक की सुविधा भी होगी।
यह लैब मेडिकल कॉलेज स्थित वीआरएल लैब में स्थापित की जा रही है और इसी वर्ष सुचारू रूप से कार्य करना शुरू कर देगी। प्रोफेसर केडी सिंह के अनुसार, यह जेनेटिक्स लैब न केवल अमृतसर बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय जांच और उपचार उपलब्ध हो सकेगा। पहले जेनेटिक टेस्ट के लिए सैंपल दिल्ली जैसे बड़े शहरों में भेजने पड़ते थे, जिसमें काफी समय और धन व्यय होता था।
