UP news: बाराबंकी के किसान ने बदली किस्मत, 70 लाख पहुंचा सालाना टर्नओवर
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सतीनपुरवा गांव के युवा किसान मोहम्मद सलमान ने साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों तो खेती भी एक लाभदायक व्यवसाय बन सकती है। एक समय था जब सलमान का परिवार दो एकड़ जमीन पर पारंपरिक खेती से मुश्किल से गुजारा कर पाता था। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें दूसरों के खेतों में मजदूरी भी करनी पड़ती थी।
आधुनिक खेती से बदली दिशा
साल 2016 में पढ़ाई पूरी करने के बाद सलमान ने खेती के पारंपरिक ढर्रे को बदलने का फैसला किया। उन्होंने वैज्ञानिक और आधुनिक पद्धति को अपनाते हुए सह-फसली खेती (इंटरक्रॉपिंग) शुरू की। अपने खेतों में उन्होंने अमरूद, टमाटर, पपीता, खरबूजा, तरबूज और खीरा जैसी नकदी फसलों को उगाना शुरू किया। शुरुआत में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सलमान ने हार नहीं मानी।
नर्सरी व्यवसाय और रोजगार सृजन
समय के साथ सलमान का अनुभव बढ़ा और मुनाफा भी। उन्होंने अपनी खेती का दायरा बढ़ाकर 29 एकड़ तक कर दिया। नकदी फसलों के साथ-साथ उन्होंने अमरूद और पपीते के पौधों की नर्सरी का काम भी बड़े स्तर पर शुरू किया। आज उनकी नर्सरी की मांग इतनी ज्यादा है कि दर्जनों जिलों के किसान सीजन से पहले ही एडवांस बुकिंग करा लेते हैं। जो सलमान कभी मजदूरी करते थे, आज उनके खेत और नर्सरी में 25 से 30 मजदूर रोजाना काम करते हैं।
सालाना 70 लाख का टर्नओवर
सलमान की मेहनत का नतीजा उनके बैंक बैलेंस और लाइफस्टाइल में साफ दिखता है। वह बताते हैं कि उनका सालाना टर्नओवर अब 70 लाख रुपये तक पहुंच गया है। इस कमाई से वह हर साल करीब एक एकड़ जमीन खरीदते हैं। उन्होंने नया घर बनवाया, ट्रैक्टर और चार पहिया गाड़ी खरीदी और अपने भाई को सोने-चांदी की दुकान भी खुलवा दी है। सलमान की सफलता को देखकर आसपास के सैकड़ों किसान अब नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
