उत्तराखंड में 1790 BSc Nursing और GNM सीटों को मिली मंजूरी, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
उत्तराखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में बीएससी नर्सिंग और जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) पाठ्यक्रमों की कुल 1790 नई सीटों को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय का उद्देश्य भविष्य में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की कमी को दूर करना है, जिसकी आवश्यकता सरकारी और निजी अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है।
राज्य सरकार के इस फैसले से नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को इस क्षेत्र में अधिक अवसर प्राप्त होंगे। कुल 34 संस्थानों को उनकी मांग के अनुसार इन सीटों के लिए अनुमति प्रदान की गई है। इन संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
बीएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम चार वर्ष की अवधि का होगा, जिसमें विद्यार्थियों को नर्सिंग, स्वास्थ्य विज्ञान, रोगी देखभाल और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं, जीएनएम पाठ्यक्रम तीन वर्ष का होगा, जिसमें व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर रहेगा।
इन पाठ्यक्रमों को पूरा करने के बाद विद्यार्थी सरकारी अस्पतालों, निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम और मेडिकल कॉलेजों में सेवा देने के पात्र होंगे। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने में सहायक होगा।
