दिल्ली AQI पर विदेशी एडवाइजरी: क्या भारत के साथ दोहरा मापदंड अपना रहे हैं ये देश?
हाल ही में सिंगापुर, ब्रिटेन और कनाडा द्वारा दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण (AQI) को लेकर जारी की गई एडवाइजरी पर सवाल उठ रहे हैं। इन देशों ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि ये एडवाइजरी भारत की छवि को खराब करने और अनावश्यक भय पैदा करने के लिए जारी की गई हैं।
आलोचकों का तर्क है कि जब लंदन, टोरंटो या सिंगापुर जैसे शहरों में वायु गुणवत्ता बिगड़ती है, तो इन देशों की प्रतिक्रिया का लहजा बदल जाता है। उनका कहना है कि भारत को एक ‘कठोर प्रतिष्ठात्मक लेंस’ से देखा जा रहा है, जबकि अपने यहां के प्रदूषण संकट को वे कम महत्व देते हैं।
सिंगापुर के उच्चायोग ने GRAP स्टेज IV के लागू होने का हवाला देते हुए अपने नागरिकों को प्रदूषण-संबंधी प्रतिबंधों पर ध्यान देने की सलाह दी। वहीं, ब्रिटेन के विदेश कार्यालय (FCDO) ने गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को यात्रा से पहले डॉक्टर से सलाह लेने की सिफारिश की। कनाडा की एडवाइजरी सबसे स्पष्ट थी, जिसमें दिल्ली जैसे शहरी क्षेत्रों में धुएं और प्रदूषण को ‘बेहद खतरनाक’ बताया गया।
जानकारों का मानना है कि ये एडवाइजरी केवल स्वास्थ्य मार्गदर्शन नहीं हैं, बल्कि ये भारत के प्रति वैश्विक धारणा को प्रभावित करती हैं।
