मुरादाबाद में सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग, ‘रोहिंग्या’ संदिग्धों को मिले आवास और राशन कार्ड (Rohingya news)
मुरादाबाद के भोजपुर क्षेत्र में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही सामने आई है। रानी नागल गांव में संदिग्ध ‘रोहिंग्या’ परिवारों को फर्जी तरीके से सरकारी आवास और राशन कार्ड जारी किए गए थे। यह खुलासा तब हुआ जब सोशल इंपैक्ट रिपोर्ट (SIR) प्रक्रिया के तहत इन लोगों की जांच शुरू हुई। जांच शुरू होते ही कई संदिग्ध परिवार गांव छोड़कर भाग गए, जिसके बाद खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार, 2018 में लगभग 92 लोग रानी नागल गांव पहुंचे थे। इन घूमंतू लोगों को फर्जी तरीके से मतदाता बनाने की कोशिश भी की गई थी। पूर्व प्रधान सईदुल ने इस मामले की शिकायत डीएम और एसएसपी से की थी। एसडीएम सदर की जांच में पता चला कि 10 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम समाज की भूमि पर बने आवासों में ठहराया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि इन सभी के आधार कार्ड बनवाए गए थे और 10 परिवारों के पास राशन कार्ड भी मौजूद थे। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान जब गहन जांच शुरू हुई, तो इनमें से केवल 10 लोगों ने ही गणना प्रपत्र जमा किए, जिनमें सभी महिलाएं थीं। इन सभी की मैपिंग सहारनपुर जनपद से की गई है, जो एक समान पैटर्न को दर्शाता है।
मामला उजागर होने के बाद खुफिया विभाग और भोजपुर पुलिस जांच में जुट गई है। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मामले ने स्थानीय प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
