आगरा के आंबेडकर विश्वविद्यालय में हिंदी सीखने आएंगे विदेशी छात्र, Russia के बाद England, France में भी दिलचस्पी
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में अब इंग्लैंड, फ्रांस और ऑस्ट्रिया के छात्र हिंदी भाषा सीखने के लिए आएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन देशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए संपर्क स्थापित किया है। यह पहल विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
विश्वविद्यालय के केएमआई (KMI) विभाग में हाल ही में रूस के एमजीआईएमओ विश्वविद्यालय के छात्रों के चौथे बैच का तीन महीने का पाठ्यक्रम पूरा हुआ। इन छात्रों को प्रमाण पत्र दिए गए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि रूसी विद्यार्थियों ने तीन माह तक विदेशी भाषा विभाग में रहकर हिंदी भाषा, भारतीय संस्कृति और साहित्य का गहन अध्ययन किया। यह कार्यक्रम दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत पिछले डेढ़ वर्ष से निरंतर जारी है।
केएमआई के निदेशक प्रो. प्रदीप श्रीधर ने बताया कि विश्वविद्यालय अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में निरंतर प्रगति कर रहा है। हाल ही में उज़्बेक स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ भी समझौता ज्ञापन हुआ है। इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय (लंदन), फ्रांस और ऑस्ट्रिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के संपर्क में है और शीघ्र ही नए समझौते किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 19 नवंबर को फ्रांसीसी दूतावास, नई दिल्ली में फ्रांस के राजदूत के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी हुई थी।
विदेशी भाषा विभाग के समन्वयक डॉ. प्रदीप वर्मा ने बताया कि फरवरी महीने में रूसी छात्रों का अगला दल आगरा आएगा। अब तक चार छात्र दल आगरा आ चुके हैं, जबकि विदेशी भाषा विभाग से दो छात्रों का दल रूस जा चुका है और तीसरा दल शीघ्र जाएगा।
