एटा में शीतलहर का प्रकोप, स्कूलों की छुट्टी; जनजीवन अस्त-व्यस्त (Etah cold wave)
एटा जिले में शीतलहर और घने कोहरे के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह से ही आसमान में कोहरे की मोटी चादर छाई रही, जिससे सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। ठंडी हवाओं के साथ गलन बढ़ गई है, जिससे लोग हाड़ कंपाने वाली सर्दी से जूझ रहे हैं। न्यूनतम तापमान गिरकर नौ डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है।
घने कोहरे के कारण सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। हाईवे पर भी चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। बस सेवाएं प्रभावित हुईं और कई बसें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई। शीतलहर का सबसे ज्यादा असर दैनिक मेहनतकशों और मजदूरों पर पड़ा है। खुले में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुबह-शाम का समय बेहद कठिन हो गया है। निर्माण कार्य और खेतों में काम करने वाले मजदूर सीमित साधनों के बीच काम करने को मजबूर हैं।
अत्यधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा आठ तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने यह आदेश जारी किया। यह आदेश सभी परिषदीय, सीबीएसई और अन्य बोर्ड के स्कूलों पर लागू है। ठंड बढ़ने से अस्पतालों में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों और बच्चों के लिए इस मौसम को अधिक जोखिम भरा बताया है। मौसम वैज्ञानिक ने अगले दो दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना जताई है, जिससे रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनना और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना जरूरी है।
