कड़ाके की ठंड में दुधमुंहे बच्चे के साथ ड्यूटी पर पहुंचीं महिला CHO, Bihar news में चर्चा
बिहार के लखीसराय जिले में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर कुंदर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) श्यामोली रविदास ने कड़ाके की ठंड के बीच अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की है। बढ़ती ठंड के बावजूद, वह अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लेकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और मरीजों का उपचार किया। उनकी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां एक ओर उनकी सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग की बदहाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CHO श्यामोली रविदास सुबह 11 बजे अपने बच्चे के साथ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं और तुरंत अपने काम में जुट गईं। उन्होंने एक नौ वर्षीय घायल बच्चे सहित कई मरीजों का इलाज किया। हालांकि, इस घटना ने स्वास्थ्य केंद्र की जमीनी हकीकत को भी उजागर किया है।
स्वास्थ्य केंद्र कुंदर में प्रसव की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए अन्य केंद्रों पर जाना पड़ता है। इसके अलावा, केंद्र परिसर में एक भी चापाकल (हैंडपंप) नहीं है। बिजली कटने पर पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है, जिससे मरीजों और कर्मचारियों दोनों को भारी परेशानी होती है। यह स्थिति बिहार news में स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को दर्शाती है, जहां कर्मचारी समर्पण दिखा रहे हैं, लेकिन उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
