भोपाल मेट्रो (Bhopal Metro) का सफर शुरू, 16 साल बाद साकार हुआ सपना
भोपाल में मेट्रो रेल का सपना आखिरकार साकार होने जा रहा है। 21 दिसंबर से राजधानी के लोग AIIMS मेट्रो स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से मेट्रो के सफर का आनंद ले सकेंगे। यह परियोजना 2009 में शुरू हुई थी, लेकिन कई चुनौतियों और देरी के कारण इसे पूरा होने में 16 साल लग गए।
भोपाल मेट्रो परियोजना की परिकल्पना 2009 में की गई थी, जिसके बाद 2011 में डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) बनाने का आदेश दिया गया। हालांकि, पहला वर्क ऑर्डर 2018 में जारी हुआ। परियोजना को कई बार प्रबंधन में बदलाव, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी और कोविड-19 महामारी के कारण धीमी गति का सामना करना पड़ा। कोविड-19 के दौरान 2020 और 2021 में काम लगभग ठप रहा, जिससे परियोजना निर्धारित समय से काफी पिछड़ गई।
शुरुआत में, ऑरेंज लाइन के प्रायोरिटी कॉरिडोर का काम 2019 में शुरू हुआ था, जिसे 2022 तक पूरा किया जाना था। लेकिन महामारी और श्रमबल की कमी के कारण इसमें देरी हुई। बाद में, तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 3 अक्टूबर 2023 को सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक पहले ट्रायल रन का उद्घाटन किया था।
प्रायोरिटी कॉरिडोर की लंबाई को बाद में बढ़ाया गया। पहले यह 4 किलोमीटर का था, जिसे बढ़ाकर AIIMS स्टेशन तक 7.4 किलोमीटर कर दिया गया। इस विस्तार में रेलवे लाइन के ऊपर स्टील ब्रिज का निर्माण भी शामिल था, जिसमें रेलवे द्वारा एक साल से अधिक का समय लिया गया। अब, इन सभी बाधाओं को पार करते हुए, भोपाल मेट्रो शहर के निवासियों के लिए एक नई पहचान और परिवहन सुविधा के रूप में तैयार है।
