रांची में ठंड का कहर, RIMS में बढ़े Brain Hemorrhage के मरीज, जानें बचाव के उपाय
रांची में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है, जिसके साथ ही ब्रेन हेमरेज के मामलों में भी तेजी से वृद्धि हुई है। राजधानी के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में प्रतिदिन 4 से 5 मरीज ब्रेन हेमरेज की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में करीब 30 मरीजों को इलाज के लिए रिम्स लाया गया है, जिनमें से अधिकांश को गंभीर स्थिति के कारण भर्ती करना पड़ा है।
चिकित्सकों के अनुसार, हर साल ठंड के मौसम में ब्रेन हेमरेज के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्तचाप अचानक बढ़ जाता है। यह उच्च रक्तचाप (High BP) ही ब्रेन हेमरेज का मुख्य कारण बनता है। रिम्स के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. बी कुमार ने बताया कि ब्रेन हेमरेज के अधिकतर मरीज 40 वर्ष से ऊपर के आयु वर्ग के हैं। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है, जिन्हें पहले से उच्च रक्तचाप, मधुमेह या हृदय संबंधी बीमारी है।
डॉक्टरों के अनुसार, अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी, चक्कर आना, बोलने में दिक्कत, शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नता, बेहोशी और नजर धुंधली होना ब्रेन हेमरेज के प्रमुख लक्षण हैं। ऐसे लक्षण दिखते ही बिना देर किए मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। शुरुआती घंटों में सही इलाज मिलने से जान बचने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों ने खासकर बुजुर्गों और बच्चों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उच्च रक्तचाप के मरीजों को नियमित दवा लेने और बीपी की जांच करते रहने की सलाह दी गई है। बहुत ठंड में सुबह-सुबह बाहर टहलने से बचें, धूप निकलने के बाद ही वाक करें। सिर, कान और छाती को ढककर रखें, ठंडी हवा से बचें। साथ ही ठंडे पानी से न नहाएं, धूम्रपान और शराब से परहेज करें।
