बोचहां MLA Baby Kumari का अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, ‘Bihar news’ में छाया समीक्षा बैठक का मुद्दा
बोचहां विधायक बेबी कुमारी ने मुशहरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सीओ (सर्किल ऑफिसर) को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें खुद हस्तक्षेप करना पड़ेगा। विधायक ने कहा कि जनता ने उन पर भरोसा किया है और वह इस भरोसे को टूटने नहीं देंगी।
विधायक ने दाखिल खारिज (land mutation) के मामलों में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मुशहरी में ‘अटैरनी राज’ चल रहा है, जहां रिजेक्ट हो चुके मामलों को भी पैसे लेकर पास करा दिया जाता है। उन्होंने सीओ महेंद्र कुमार शुक्ला से पूछा कि रिजेक्ट वाद को अटैरनी कैसे स्वीकृत करा लेते हैं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रीति की अनुपस्थिति पर विधायक ने नाराजगी जताई और उनके प्रतिनिधि को बाहर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रभारी ने अनुपस्थित रहकर साबित कर दिया कि उन्हें अपने कार्यों में रुचि नहीं है। इसके अलावा, विधायक ने थाना के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि आवेदकों को प्राथमिकी के आवेदन की पावती (receiving) नहीं दी जाती है, जो उनका अधिकार है।
आपूर्ति विभाग की समीक्षा में खराब गुणवत्ता वाले खाद्यान्न वितरण का मुद्दा भी उठा। विधायक ने चेतावनी दी कि अगर उनके निर्वाचन क्षेत्र में खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न दोबारा दिया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने स्वीकार किया कि वे उच्चाधिकारियों को खराब गुणवत्ता की रिपोर्ट देते हैं लेकिन सुधार नहीं हो रहा है।
बैठक के बाद विधायक ने गरीबों को कंबल वितरित किए और कौशल विकास योजना के तहत प्रमाण पत्र बांटे। इस समीक्षा बैठक में कई प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
