लखनऊ सीमा पर अंधेरा: बाराबंकी में स्ट्रीट लाइटें बंद, UP में अपराध का डर
लखनऊ की सीमा पर अंधेरा पसरा हुआ है, जहाँ राजधानी की सीमा से नवाबगंज तक स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। यह समस्या लखनऊ-अयोध्या राजमार्ग पर बाराबंकी जिले में देखी जा रही है। करीब 18 महीने से इंदिरा नहर से सफेदाबाद तक पांच किलोमीटर के रास्ते पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं, जिससे दुर्घटनाओं और अपराध का खतरा बढ़ गया है।
इस अंधेरे का सबसे अधिक खामियाजा रात में यात्रा करने वाली महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है, जो असुरक्षित महसूस करती हैं। हाईवे पर कई शैक्षिक संस्थान, अस्पताल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, जहाँ काम करने वाली महिला कर्मचारी अंधेरे में आने-जाने को मजबूर हैं। सफेदाबाद जैसे ब्लैक स्पॉट पर अक्सर दुर्घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन लाइटें न जलने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
लगभग एक साल पहले करोड़ों की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें आज तक ठीक से नहीं जलीं। घना कोहरा पड़ने पर दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही और एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण यह समस्या बनी हुई है। हाईवे पर प्रतिदिन लगभग 17 हजार वाहनों का आवागमन होता है, जिनमें रात में भारी वाहन भी शामिल होते हैं।
कोटवा सड़क, उधौली, बघौरा, पल्हरी, सफदरगंज, दादरा, लछबर बजहा, चौपुला सहित कई आबादी वाले और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लाइटें लगाई गई थीं, लेकिन वे या तो खराब पड़ी हैं या जली ही नहीं। विद्युत विभाग से कनेक्शन और उपकरण सत्यापन के लिए कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि, कुछ जगहों पर लाइटें जलवाई जा रही हैं, लेकिन समस्या का पूर्ण समाधान अभी बाकी है।
