आगरा जल निगम पर 4.28 करोड़ का जुर्माना: रोड कटिंग में लापरवाही पर नगर निगम ने की बड़ी कार्रवाई
आगरा में जायका सहायतित गंगाजल परियोजना के तहत मानकों की अनदेखी पर नगर निगम ने जल निगम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। रोड कटिंग के बाद तय समय में रेस्टोरेशन कार्य न कराने, बैरीकेडिंग नहीं करने और अन्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी को गंभीर लापरवाही माना गया है।
नगर निगम ने उप्र जल निगम (नगरीय), आगरा के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार करोड़ 28 लाख 24 हजार 406 रुपये का रेस्टोरेशन शुल्क निर्धारित किया है। इसे जल निगम के संबंधित बिलों से कटौती कर नगर निगम में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कार्यदायी संस्था के विरुद्ध एफआइआर कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जल निगम द्वारा पश्चिमपुरी, दयालबाग, महर्षिपुरम, देव नगर सहित आसपास के क्षेत्र में गंगाजल की लाइन डालने का कार्य किया जा रहा है। लाइन काट कर छोड़ देने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी से क्षेत्रीय लोग लंबे समय से परेशान हैं। वर्षा के दिनों में कार्य और कोहरे में बिना बैरीकेडिंग कार्य किया जा रहा था। नगर निगम द्वारा दी गई अनुमति में स्पष्ट शर्त थी कि सड़क कटिंग के उपरांत समस्त रेस्टोरेशन कार्य विभागीय मानकों के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से स्वयं जल निगम द्वारा कराया जाएगा। इसके बावजूद क्षेत्रीय नागरिकों और पार्षदों ने लगातार शिकायतें की थी।
नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर कराए गए निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि कई स्थानों पर न तो सड़क की मरम्मत कराई गई और न ही किसी प्रकार के चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा संकेत लगाए गए हैं। इससे आवागमन बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। नगरायुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा सड़क कटिंग की अनुमति सशर्त दी जाती है। रेस्टोरेशन न करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आमजन की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।
