ठंड में बेहाल मरीज, डॉक्टर नदारद: बिहार के इस अस्पताल का हाल देख भड़क जाएंगे आप
सरकार की सख्ती और लगातार निर्देशों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की जमीनी तस्वीर सुधरने का नाम नहीं ले रही है। बिहार के बांका जिले के रजौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थितियों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की सुस्ती और लापरवाही को उजागर कर दिया है। ठंड बढ़ते ही डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की समयपालन की आदत और ढीली पड़ गई है, जिसका सीधा खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह लगभग नौ बजे जागरण की टीम आन द स्पाट अभियान के तहत जब सीएचसी पहुंची तो अस्पताल की व्यवस्था चरमराई हुई मिली। सुबह 9:30 बजे तक ओपीडी पूरी तरह खाली पड़ी थी। न चिकित्सक मौजूद थे, न ही विभागीय कर्मी। डेंटल विभाग की स्थिति भी ऐसी ही रही। केवल इमरजेंसी में तैनात डाक्टर ड्यूटी पर मिले। दवा काउंटर व रजिस्ट्रेशन काउंटर भी निर्धारित समय से देर से खोले गए, जिससे मरीजों को निराश होकर इंतजार करना पड़ा।
सबसे खराब स्थिति जांच कक्ष की रही। सुबह 9:30 बजे तक एक्स-रे और अन्य जांच के लिए पहुंचे मरीज लाइन में खड़े थे, लेकिन न कोई तकनीशियन मौजूद था और न ही डाक्टर। रजौन निवासी राहुल कुमार, नवादा के सुबोध यादव सहित कई मरीजों ने बताया कि यहां डाक्टर और जांच कर्मी आमतौर पर 10 बजे के बाद ही आते हैं। यह स्थिति रोज की हो गई है। कड़ाके की ठंड में समयपालन की यह लापरवाही मरीजों की परेशानी और बढ़ा रही है।
