तेजस्वी यादव को शिवानंद तिवारी की खरी-खरी: ‘विदेश से लौटकर कार्यकर्ताओं से मिलें, वरना भविष्य खतरे में’
राजद के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को सलाह दी है कि वे विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद पलायन न करें, बल्कि सहयाेगियों के साथ बैठें और उनका मनोबल बढ़ाएं। यह अगली लड़ाई के लिए जरूरी है। उन्होंने तेजस्वी को संबोधित करते हुए अपने फेसबुक पर लिखा कि वे तत्काल विदेश से लौट कर राज्य का भ्रमण करें। कार्यकर्ताओं से मिलें। तभी भविष्य बचेगा। समय किसी का इंतजार नहीं करता है।
उन्होंने लिखा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद को मंडल अभियान और लालकृष्ण आडवाणी की गिरफ्तारी के बाद ऐतिहासिक जन समर्थन मिला था। राजनीति में एक नायक जैसी छवि उनकी बन गई थी, लेकिन 1990 के हीरो 2010 में 22 सीट पर सिमट गए। विरोधी दल की मान्यता भी नहीं मिली। उस तुलना में तेजस्वी ने अच्छा किया। विपक्ष के नेता का दर्जा मिल गया। नतीजे के बाद तेजस्वी गायब हो गए। यह मैदान छोड़ने जैसा है।
शिवानंद तिवारी ने प्रदेश राजद अध्यक्ष मंगनीलाल मंडल की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि मंगनी लाल कार्यकर्ताओं के आदमी हैं। कार्यकर्ताओं की बात सुनते हैं। उनकी इज्जत है। कार्यकर्ता जगदानंद सिंह की इज्जत नहीं करते थे। उनसे डरते थे। वे साहब थे। शिवानंद ने आगे लिखा, “साहब लोग मंत्री को वही सुनाते हैं जो उनको अच्छा लगता है। संजय यादव और जगदानंद- दोनों ने तेजस्वी की आंखों पर पट्टी बांध दी थी। खूब हरियाली दिखाई।”
