बिहार: राजस्व कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश, अब सिर्फ पंचायत भवन में ही बैठेंगे
बिहार सरकार ने राजस्व और भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। विभाग ने सभी राजस्व कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित कार्यस्थल, यानी पंचायत सरकार भवन में ही लोगों से मिलें और अपना काम करें। यह निर्देश विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर जारी किया है।
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ राजस्व कर्मचारी निर्धारित स्थानों से इतर निजी स्थानों पर छद्म कार्यालय चलाकर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों पर अंचल अधिकारियों के लैपटॉप और डोंगल का दुरुपयोग निजी दलालों के लिए करने और आवेदकों से अवैध वसूली की भी सूचनाएं मिली थीं।
सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को अपने स्तर पर सख्त मॉनिटरिंग करने तथा डीसीएलआर, एसडीओ और एडीएम को नियमित औचक निरीक्षण का निर्देश देने के लिए कहा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि राजस्व कर्मचारियों की निर्धारित कार्यालय की सूची अंचल कार्यालयों एवं संबंधित पंचायत सरकार भवन में नाम और नंबर के साथ प्रदर्शित की जाए, ताकि जनता को पता चल सके कि उन्हें कहां मिलना है।
एक से अधिक हलका प्रभार वाले कर्मचारियों के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि वे प्रत्येक निर्धारित स्थल पर कार्यरत रहें। उप मुख्यमंत्री सह भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि पंचायत सरकार भवनों को गांव के प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा कार्यालय व्यवस्था से खिलवाड़, निजी व्यक्तियों का हस्तक्षेप या अवैध वसूली, किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
