‘DM का आदेश अवैध’, HC की कड़ी टिप्पणी; रोज 60 KM दूर थाने में 2 बार हाजिरी लगाने का मामला
पटना हाई कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण निर्णय में सहरसा के तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा पारित प्रतिदिन 60 किमी दूर बसनही थाने में दो बार हाजिरी लगाने के आदेश को गलत बताया है।
अदालत ने कहा कि यह आदेश नियम-विरुद्ध, मनमाना और नागरिक की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा आदेश व्यक्ति की आजीविका, गरिमा और संवैधानिक अधिकार (अनुच्छेद 21) तीनों के खिलाफ है।
याचिकाकर्ता राकेश कुमार यादव के अधिवक्ता ने बताया कि डीएम के इस आदेश के कारण उसे रोज़ 60 किमी की यात्रा करनी पड़ती थी, जिससे उसकी किराना दुकान चलाना भी असंभव हो गया था।
पीठ ने तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए राज्य सरकार को पीड़ित को एक लाख रुपये मुआवजा तथा 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च देने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार चाहे तो यह राशि संबंधित दोषी अधिकारियों से वसूल सकती है।
अदालत ने गृह विभाग को आदेश दिया कि इस निर्णय की प्रति राज्य के सभी जिलाधिकारियों को भेजी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की मनमानी पर अंकुश लगे। कोर्ट ने हालिया मामलों में दूरस्थ पुलिस स्टेशनों में हाजिरी के आदेश देने की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि संवैधानिक अदालत मूकदर्शक नहीं रह सकती।
