दिव्यांग बालिका से दुष्कर्म: दोषी को आजीवन कारावास और भारी अर्थदंड
मेरठ के मुंडाली थाना क्षेत्र में साढ़े तीन साल पहले एक नौ वर्षीय दिव्यांग बालिका के साथ हुए दुष्कर्म के गंभीर मामले में अदालत ने आरोपी वीरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज पॉक्सो मोहम्मद बाबर खान ने दोषी पाए जाने पर वीरेंद्र को न केवल ताउम्र जेल भेजने का आदेश दिया, बल्कि उस पर 55 हजार रुपये का भारी अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला समाज में न्याय की एक मजबूत मिसाल पेश करता है, खासकर उन लोगों के लिए जो अक्सर कमजोर और असहाय होते हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह घटना 29 मई 2022 को हुई थी, जब वीरेंद्र ने अपनी हैवानियत का शिकार एक नौ वर्षीय दिव्यांग बालिका को बनाया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत विशेष निगरानी रखी गई, जिसके चलते मुंडाली थाने की मॉनिटरिंग सेल, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल अरविंद और थाने के पैरोकार कांस्टेबल अजय शर्मा ने मिलकर न्यायालय में पुख्ता सबूत पेश किए। इन साक्ष्यों के आधार पर ही न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह कड़ी सजा सुनाई है।
इस प्रकार के अपराधों में न्याय मिलने में अक्सर देरी हो जाती है, लेकिन इस मामले में ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के प्रभावी कार्यान्वयन ने यह सुनिश्चित किया कि न्याय शीघ्र मिले। यह फैसला उन लोगों के लिए एक कड़ा संदेश है जो मासूमों के साथ इस तरह के घिनौने अपराध करते हैं। यह उन अभिभावकों को भी थोड़ी राहत देगा जो अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। इस फैसले से पीड़ित परिवार को न्याय की अनुभूति हुई है और समाज में यह विश्वास बढ़ा है कि कानून ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
