कासगंज में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी, सांसद ने संसद में उठाया मुद्दा
एटा के सांसद देवेश शाक्य ने कासगंज जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को संसद में प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने कासगंज में विशेषज्ञ चिकित्सकों की गंभीर कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा है कि इस वजह से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए महानगरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जनरल सर्जन, नाक-कान-गला विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, न्यूरोलॉजिस्ट और कैंसर विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण पदों पर डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं।
सांसद शाक्य ने जोर देकर कहा कि कासगंज के निवासियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्काल तैनाती की जानी चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा कासगंज में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज निर्माण की घोषणा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए भूमि चिन्हित कर ली है और कार्यदायी संस्था का चयन भी हो चुका है।
इसके बावजूद, मेडिकल कॉलेज का निर्माण पिछले आठ महीनों से शुरू नहीं हो पाया है, जिससे स्थानीय लोगों में निराशा है। सांसद शाक्य ने इस विलंब पर चिंता जताते हुए कहा कि कासगंज के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से इस मेडिकल कॉलेज का निर्माण शीघ्र अति शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेगी और जल्द ही आवश्यक कदम उठाएगी ताकि कासगंज के मरीजों को उनके अपने जनपद में ही विशेषज्ञ उपचार मिल सके।
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