भारत टैक्सी ऐप लॉन्च: ओला-उबर को मिलेगी कड़ी टक्कर
परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि केंद्र सरकार ने ‘भारत टैक्सी’ नामक कोऑपरेटिव कैब सर्विस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर दिल्ली और गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में लॉन्च कर दिया है। यह पहल दुनिया के पहले ड्राइव-ओन्ड टैक्सी सर्विस नेटवर्क के रूप में सामने आई है, जिसका उद्देश्य ओला, उबर और रैपिडो जैसी स्थापित निजी कैब कंपनियों को कड़ी टक्कर देना है।
भारत टैक्सी की सॉफ्ट लॉन्चिंग के साथ ही इसका ऐप गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हो गया है, और जल्द ही आईओएस प्लेटफॉर्म पर भी पेश किया जाएगा। इस ऐप के माध्यम से यात्री टू-व्हीलर्स, ऑटो-रिक्शा, टैक्सी और फोर-व्हीलर जैसी विभिन्न प्रकार की राइड्स बुक कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि यह सेवा ड्राइवरों के स्वामित्व और नियंत्रण में होगी, जो इसे एक अनूठा कोऑपरेटिव मॉडल बनाती है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड की स्थापना की है। इस नेटवर्क में एनसीडीसी, इफ्फको, जीसीएमएमएफ, नबार्ड, एनडीडीबी, एनईएल और कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड जैसे प्रतिष्ठित सहकारी समूह शामिल हैं। यह पूरी तरह से सहकारी समितियों द्वारा वित्त पोषित है, जिसमें सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं है। इस पहल का एक प्रमुख आकर्षण यह है कि यह ऐप पैन-इंडिया स्तर पर काम करेगा और ड्राइवरों से किसी भी राइड के लिए कोई कमीशन नहीं लेगा। इससे न केवल यात्रियों को सुरक्षित और सस्ता सफर मिलेगा, बल्कि ड्राइवरों की आय में भी वृद्धि होगी।
सूत्रों के अनुसार, भारत टैक्सी ऐप में ओला और उबर की तरह इन-ऐप कस्टमर सपोर्ट की सुविधा भी मिलेगी। यह प्लेटफॉर्म उन ड्राइवरों को भी आकर्षित करने की क्षमता रखता है जो वर्तमान में ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म पर काम कर रहे हैं। भारत टैक्सी की नो-कमीशन पॉलिसी ड्राइवरों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन साबित हो सकती है, क्योंकि इससे उनकी कमाई सीधे तौर पर बढ़ेगी। फिलहाल, इस पायलट प्रोजेक्ट में 51 हजार से अधिक ड्राइवर पहले ही जुड़ चुके हैं। यह नई सेवा निश्चित रूप से भारतीय कैब एग्रीगेटर बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।
