आतंकी फंडिंग और जासूसी: रिजवान के पंजाब कनेक्शन का बड़ा खुलासा
आतंकी फंडिंग और जासूसी के मामले में खुफिया एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। नूंह जिले के खरखड़ी गांव निवासी वकील रिजवान, जिसे 24 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था, पिछले तीन महीनों में पांच बार पंजाब की यात्रा कर चुका था। सूत्रों के अनुसार, इन यात्राओं का मुख्य उद्देश्य आतंकी फंडिंग से जुड़े पैसे का लेनदेन करना था।
पूछताछ के दौरान रिजवान ने कबूल किया है कि उसने पंजाब के हवाला कारोबारियों के माध्यम से लगभग 45 लाख रुपये का लेनदेन किया। एसआइटी की पूछताछ में रिजवान ने कई अहम राज उगले हैं। जांच टीम ने रिजवान के साथ पंजाब गए उसके साथी वकील मुर्शरफ से भी पूछताछ की। मुर्शरफ को रिजवान के बार-बार पंजाब जाने के मकसद की जानकारी नहीं थी, जिसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
जांच कर रही एसआइटी की टीम रिजवान, अजय और मुर्शरफ को लेकर अमृतसर भी पहुंची, जहां रिजवान ने पैसे का लेनदेन किया था। रिजवान के पंजाब के जालंधर निवासी मिठाई विक्रेता अजय और अमृतसर में पकड़े गए तीन अन्य आरोपी संदीप सिंह, अमनदीप और जसकरण से भी संबंध बताए गए हैं। पुलिस इन सभी आरोपियों की रिमांड अवधि के दौरान उनके बैंक खातों में हुए लेनदेन की गहराई से जांच कर रही है।
यह भी पता चला है कि रिजवान का पंजाब नेशनल बैंक की तावडू शाखा में एक खाता है, जिसमें लगभग 35 लाख रुपये का लेनदेन आतंकी फंडिंग के माध्यम से विदेश से हुआ है। इस राशि को पंजाब के हवाला कारोबारियों को दिया गया था। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने कहा कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है और इसकी गहराई से जांच की जाएगी।
इस मामले के तार अन्य गिरफ्तारियों से भी जुड़ रहे हैं। अमृतसर से पकड़े गए आरोपियों को 8 दिन की रिमांड पर भेजा गया है, ताकि आतंकी फंडिंग की कड़ियों को तलाशा जा सके। पुलिस गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों से पूछताछ के बाद उनके बयानों के आधार पर कड़ी से कड़ी मिलाने का प्रयास कर रही है।
